गोरखपुर एयरपोर्ट का विस्तार: यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं और बढ़ी क्षमता
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित महायोगी गुरु गोरखनाथ गोरखपुर एयरपोर्ट का विस्तार कार्य तेजी से चल रहा है। इस विस्तार के बाद एयरपोर्ट की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे एक साथ चार फ्लाइट्स टेकऑफ और लैंड कर सकेंगी।
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विस्तार की मुख्य विशेषताएं
- नया टर्मिनल:
- नया टर्मिनल 42 एकड़ भूमि पर बनाया जा रहा है।
- इसकी क्षमता एक साथ 800 यात्रियों को संभालने की होगी।
- रनवे और एप्रन विस्तार:
- रनवे का विस्तार बड़े विमानों की लैंडिंग को संभव बनाएगा।
- एप्रन क्षेत्र में वृद्धि से एक समय में अधिक फ्लाइट्स पार्क की जा सकेंगी।
- यात्रियों की संख्या में वृद्धि:
- वर्तमान में एयरपोर्ट से प्रतिदिन लगभग 3000 यात्री यात्रा कर रहे हैं।
- 22 फ्लाइट्स (अप और डाउन) का संचालन हो रहा है।
- नई उड़ानें:
- दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोलकाता के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं।
- जल्द ही पुणे और जम्मू के लिए भी उड़ानें शुरू होने की संभावना है।
विस्तार के लाभ
- औद्योगिक और पर्यटन विकास:
गोरखपुर तेजी से औद्योगिक, धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है। नए टर्मिनल के निर्माण से इन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। - बेहतर यात्री अनुभव:
विस्तारित सुविधाओं से यात्रियों को अधिक आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिलेगा। - बढ़ी हुई कार्यक्षमता:
कैटेगरी-2 इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) की वजह से फ्लाइट कैंसिलेशन की संभावना कम होगी।
FAQs
- गोरखपुर एयरपोर्ट का विस्तार कब तक पूरा होगा?
- विस्तार कार्य मार्च 2025 के अंत या अप्रैल 2025 के पहले सप्ताह तक पूरा होने की उम्मीद है।
- वर्तमान में गोरखपुर एयरपोर्ट से कितनी फ्लाइट्स संचालित हो रही हैं?
- वर्तमान में कुल 22 फ्लाइट्स (अप और डाउन) संचालित हो रही हैं।
- क्या गोरखपुर एयरपोर्ट पर बड़े विमानों की लैंडिंग संभव होगी?
- रनवे और एप्रन विस्तार के बाद बड़े विमानों जैसे एयरबस की लैंडिंग संभव होगी।