किसान क्रेडिट कार्ड: भारतीय कृषि को मजबूत करने की पहल
भारत सरकार ने किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए Kisan Credit Card (KCC) योजना शुरू की है, जिससे उन्हें सस्ते दर पर ऋण मिल सके। यह योजना किसानों को बीज, उर्वरक, कीटनाशक और अन्य कृषि इनपुट्स खरीदने में मदद करती है। हाल ही में, वित्त मंत्रालय ने बताया कि दिसंबर 2024 तक KCC के तहत 10.05 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है, जिससे 7.72 करोड़ किसानों को लाभ हुआ है।
Table of Contents
किसान क्रेडिट कार्ड की विशेषताएं:
- सस्ता ऋण: किसानों को 7% वार्षिक ब्याज दर पर ऋण मिलता है, जो समय पर चुकाने पर 4% तक कम हो जाता है।
- ब्याज सब्सिडी: सरकार 3 लाख रुपये तक के शॉर्ट टर्म लोन पर 1.5% की ब्याज सब्सिडी देती है।
- गारंटी मुक्त ऋण: 2 लाख रुपये तक का ऋण बिना गारंटी के दिया जाता है।
- लोन लिमिट में वृद्धि: बजट 2025-26 में लोन लिमिट को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है।
प्रश्नोत्तर:
- किसान क्रेडिट कार्ड क्या है?
- यह एक बैंकिंग प्रोडक्ट है जो किसानों को सस्ते दर पर ऋण प्रदान करता है ताकि वे कृषि इनपुट्स खरीद सकें और फसल उत्पादन के लिए आवश्यक खर्च कर सकें।
- किसान क्रेडिट कार्ड के तहत कितनी राशि वितरित की गई है?
- दिसंबर 2024 तक KCC के तहत 10.05 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।
- किसान क्रेडिट कार्ड के लाभ क्या हैं?
- इसके तहत किसानों को सस्ते दर पर ऋण मिलता है, जिससे वे अपनी कृषि जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। यह योजना उन्हें बीज, उर्वरक और कीटनाशक खरीदने में मदद करती है।