हेल्थ इंश्योरेंस बंद! बीमा कंपनियों का बड़ा झटका

हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम में वृद्धि: पॉलिसीधारकों की कठिनाइयाँ

हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे कई पॉलिसीधारकों को अपनी पॉलिसियों को रिन्यू नहीं कराने या कम कवरेज वाले प्लान चुनने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस साल लगभग 10 में से 1 व्यक्ति ने अपनी पॉलिसी रिन्यू नहीं कराई, जबकि 10% लोगों के प्रीमियम में 30% या उससे अधिक की वृद्धि हुई है।

प्रीमियम वृद्धि के कारण

  • क्लेम रेश्यो: बीमा कंपनियों का कहना है कि क्लेम रेश्यो बिगड़ने से प्रीमियम में वृद्धि हुई है।
  • मेडिकल महंगाई: इलाज के बढ़ते खर्च और नई तकनीकों के आने से भी प्रीमियम बढ़ा है।
  • उम्र का प्रभाव: बुजुर्गों के लिए प्रीमियम अधिक होता है क्योंकि उनके बीमार पड़ने की संभावना अधिक होती है12.

ग्राहकों की प्रतिक्रिया

  • डिडक्टिबल प्लान: कई लोग डिडक्टिबल प्लान चुन रहे हैं, जिसमें एक निश्चित रकम तक का खर्च ग्राहक खुद उठाते हैं।
  • कम कवरेज वाले प्लान: उच्च कवरेज छोड़कर सस्ते प्लान चुनने का रुझान बढ़ रहा है।
  • पॉलिसी रिन्यू न होने के अन्य कारण: क्लेम खारिज होना भी एक बड़ी वजह है, जिससे ग्राहकों का भरोसा टूट रहा है3.

FAQs

  1. क्या हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम में वृद्धि को रोकने के लिए कोई नियम हैं?
    हां, बीमा नियामक ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रीमियम वृद्धि को 10% से अधिक न करने का निर्देश दिया है2.
  2. क्या डिडक्टिबल प्लान प्रीमियम को कम करने में मदद कर सकता है?
    हां, डिडक्टिबल प्लान में एक निश्चित रकम तक का खर्च ग्राहक खुद उठाते हैं, जिससे प्रीमियम कम हो सकता है3.
  3. क्या कम कवरेज वाले प्लान चुनना एक अच्छा विकल्प है?
    यह विकल्प प्रीमियम को कम कर सकता है, लेकिन आवश्यकता के समय कम कवरेज समस्या पैदा कर सकता है।
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