कर्नाटक के बेलगावी जिले के सरकारी स्कूल में अनोखी पहल: छात्रों को आकर्षित करने का प्रयास
कर्नाटक के बेलगावी जिले के अदहल्लटी गांव में स्थित एक सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य सिद्धमल्ला खोट ने स्कूल में छात्रों की संख्या बढ़ाने और शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है। उन्होंने अपने निजी खर्च से हर नए छात्र के नाम पर ₹1,000 का फिक्स्ड डिपॉजिट कराने का निर्णय लिया है। यह राशि 18 साल बाद परिपक्व होगी, जो माता-पिता को अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित कर रही है।
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पहल की मुख्य बातें
- ₹1,000 फिक्स्ड डिपॉजिट योजना: हर नए छात्र के नाम पर ₹1,000 का फिक्स्ड डिपॉजिट किया जाएगा, जो 18 साल बाद परिपक्व होगा।
- कम होती छात्र संख्या: पिछले कुछ वर्षों में इस स्कूल की छात्र संख्या घटकर केवल 18 रह गई थी। इस पहल से अब नामांकन में तेजी आई है।
- समुदाय को जोड़ने का प्रयास: प्रधानाचार्य ने क्विज प्रतियोगिताएं और प्रशिक्षण कार्यशालाएं शुरू की हैं ताकि समुदाय और छात्रों को शिक्षा से जोड़ा जा सके।
पहल का प्रभाव
- इस योजना के तहत, स्कूल में नामांकन बढ़कर 40 से अधिक हो चुका है।
- माता-पिता और समुदाय में सरकारी स्कूलों के प्रति विश्वास बढ़ा है।
- छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
चुनौतियां और समाधान
हालांकि इस पहल ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं, लेकिन स्कूल अभी भी बुनियादी सुविधाओं जैसे कि पानी की फिल्ट्रेशन प्रणाली और सुरक्षा दीवारों की कमी से जूझ रहा है। प्रधानाचार्य और उनकी टीम इन समस्याओं को हल करने के लिए दानदाताओं और सरकारी सहायता पर निर्भर हैं।
FAQs
- ₹1,000 फिक्स्ड डिपॉजिट योजना का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य माता-पिता को बच्चों को सरकारी स्कूलों में नामांकित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। - क्या यह योजना केवल नए छात्रों के लिए लागू है?
हां, यह योजना केवल नए नामांकित छात्रों के लिए लागू की गई है। - क्या इस पहल से अन्य सरकारी स्कूल प्रेरणा ले सकते हैं?
हां, यह पहल अन्य सरकारी स्कूलों के लिए एक मॉडल बन सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां नामांकन कम हो रहा है।