तमिलनाडु में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए नन्निलम महिला नीलम उदामई योजना
तमिलनाडु सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए नन्निलम महिला नीलम उदामई योजना शुरू की है, जिसके तहत उन्हें कृषि भूमि खरीदने में सहायता मिलती है। यह योजना विशेष रूप से आदि द्रविड़ और आदिवासी कृषि मजदूरों की महिलाओं के लिए है, जिससे उन्हें जमीन का मालिकाना हक मिल सके।
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योजना के मुख्य लाभ:
- सब्सिडी और ऋण: इस योजना में सब्सिडी के साथ कम ब्याज दर पर इंडियन ओवरसीज बैंक से ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें तमिलनाडु आदि द्रविड़ हाउसिंग एंड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (TAHDCO) का समर्थन होता है।
- स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क से छूट: लाभार्थियों को स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क से 100% छूट दी जाती है, जिससे जमीन खरीदने का वित्तीय बोझ कम होता है।
- आत्मनिर्भरता का लक्ष्य: इस योजना का मुख्य उद्देश्य इन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे वे आर्थिक रूप से स्थिर हो सकें।
आवेदन कैसे करें:
इस योजना का लाभ उठाने के लिए, इच्छुक आवेदकों को TAHDCO और इंडियन ओवरसीज बैंक द्वारा निर्धारित आवेदन प्रक्रिया का पालन करना होगा। इसमें आवश्यक दस्तावेज जमा करना और पात्रता मानदंडों को पूरा करना शामिल है।
प्रश्नोत्तर:
- नन्निलम महिला नीलम उदामई योजना के लिए कौन पात्र हैं?
- यह योजना मुख्य रूप से आदि द्रविड़ और आदिवासी कृषि मजदूरों की महिलाओं के लिए है।
- इस योजना के तहत किस प्रकार की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है?
- लाभार्थियों को कम ब्याज दर पर ऋण और सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा, उन्हें स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क से भी छूट मिलती है।
- यह योजना महिलाओं को कैसे सशक्त बनाती है?
- जमीन का मालिकाना हक दिलाकर, यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।